Wednesday, 14 October 2020

कोचिंग वाले भी न यारो


कोचिंग वाले भी न गजब का खेल खेलते हैं

जब तक पैसा देते हैं तब तक केयर करते हैं||


 ये  युवक भोले-भाले फुसल जाते हैं, 

 इंक्वायरी कराते हैं स्वीट-स्वीट बोलकर, 

किसी से एक बार में ले लेते हैं पैसा

 तो  किसी से किस्ते में करके उसूलते हैं ||

 ये  कोचिंग वाले भी न यारों गजब का खेल खेलते हैं

 जब तक पैसा देते हो  तब तक care करते हैं


 कोई लड़का आता है अपने मन में सपने सजा कर

 तो कोई अपने माता-पिता भाई -बहन के सपने को लेकर 

और ये उनके सपनों  से खेलना जानते हैं ||


ये  कोचिंग वाले भी न गजब का खेल खेलते हैं

 जब तक पैसा दे........



 हाव भाव से तो ये कलेक्टर मेंकर लगते हैं


 कभी class में बैठे-बठे इंटरव्यू का दर्शन तो कभी IPS भी बना देते है||

 यह कोचिंग वाले भी ना यारों गजब का.........


 क्लास और ऑफिस का ब्राइटनेस ऐसा है कि

 हमें भी किसी डीएम के कुर्सी को महसूस करा देता  हैं||

 ये  बच्चों  की भावनाओं से खेलना जानते हैं, 


ये कोचिंग वाले भी न यारों गजब का खेल खेलते हैं

 जब तक पैसा देते हैं तब तक केयर करते हैं......



©prakashsah


3 comments:

thanks for reading

अन्य रचनाएं:--

हम धरतीपुत्र बिहारी हैं