श्रमबल है हमने इतना की उच्च पद के हकदारी है,
हम धरतीपुत्र बिहारी है, धरतीपुत्र बिहारी है।।
हम अशोक है, हम महावीर हम ही तो चाणक्य की वाणी है।
हम धरतीपुत्र बिहारी है, हम धरतीपुत्र बिहारी है।।
हम गांधी और बुद्ध के कर्म भूमि है, हम ही कुंवर सिंह अभिमानी है।
हम धरतीपुत्र बिहारी है, हम धरतीपुत्र बिहारी है ।।
समन्वय का पाठ तो दुनिया हम से सीखे क्योंकि, हमारी जीवन शैली सहचर है जबकि अनेक हमारी वाणी है।
हम धरतीपुत्र बिहारी हैं, हम धरतीपुत्र बिहारी हैं ।।
हम धरतीपुत्र बिहारी है, धरतीपुत्र बिहारी है।।
हम अशोक है, हम महावीर हम ही तो चाणक्य की वाणी है।
हम धरतीपुत्र बिहारी है, हम धरतीपुत्र बिहारी है।।
हम गांधी और बुद्ध के कर्म भूमि है, हम ही कुंवर सिंह अभिमानी है।
हम धरतीपुत्र बिहारी है, हम धरतीपुत्र बिहारी है ।।
समन्वय का पाठ तो दुनिया हम से सीखे क्योंकि, हमारी जीवन शैली सहचर है जबकि अनेक हमारी वाणी है।
हम धरतीपुत्र बिहारी हैं, हम धरतीपुत्र बिहारी हैं ।।
दुनिया पूजे उगते सूरज हम ढलते के भी पुजारी हैं।
हम धरतीपुत्र बिहारी है, हम धरतीपुत्र बिहारी हैं।।
अतीत भी हम से जाना जाता,भविष्य भी जाना जानी है। धरतीपुत्र बिहारी है, हम धरतीपुत्र बिहारी है।।


Mast h bhai
ReplyDeleteThinks Bhai
ReplyDeleteAkdam mast poem hai 👌
ReplyDeleteMaza aa gya padh kr
Thanks ji
ReplyDeleteWah... Guru
ReplyDeleteWah...
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