कविता तिवारी की चंद पंक्तियां ...
इतिहास से गढ़े जाए प्रतिफल
पृष्ठों में अकल कता रहे।
सज्जनता का अनुशीलन हो
मानव को पथ का पता रहे ।
हर एक बालिका विदुषी हो
हर बालक नीति निधान रहे ।
फहराए तिरंगा अंबर तक
मां का धानी बलिदान रहे |
कविता चाहिए की धरती पर
संस्कृतियों का सम्मान रहे।
जब तक सूरज चांद चमके ,
तब तक ये हिंदुस्तान रहे
तब तक ये हिंदुस्तान रहे।।
स्वतंत्र दिवस की हार्दिक -हार्दिक बधाई|
इतिहास से गढ़े जाए प्रतिफल
पृष्ठों में अकल कता रहे।
सज्जनता का अनुशीलन हो
मानव को पथ का पता रहे ।
हर एक बालिका विदुषी हो
हर बालक नीति निधान रहे ।
फहराए तिरंगा अंबर तक
मां का धानी बलिदान रहे |
कविता चाहिए की धरती पर
संस्कृतियों का सम्मान रहे।
जब तक सूरज चांद चमके ,
तब तक ये हिंदुस्तान रहे।।
स्वतंत्र दिवस की हार्दिक -हार्दिक बधाई|
No comments:
Post a Comment
thanks for reading