Wednesday, 14 August 2019

तब तक हिंदुस्तान रहे

कविता तिवारी की चंद पंक्तियां ...

इतिहास से गढ़े जाए प्रतिफल
 पृष्ठों में अकल कता रहे।

सज्जनता का अनुशीलन हो
 मानव को पथ का पता रहे ।

हर एक बालिका विदुषी हो
हर बालक नीति निधान रहे ।

फहराए तिरंगा अंबर तक
 मां का धानी बलिदान रहे |

कविता चाहिए की धरती पर 
संस्कृतियों का सम्मान रहे।

जब तक सूरज चांद चमके ,
तब तक ये हिंदुस्तान रहे 
तब तक ये हिंदुस्तान रहे।।


स्वतंत्र दिवस की हार्दिक -हार्दिक बधाई|


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